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मंगलवार, 2 फ़रवरी 2016

नहीं बढ़ रही रेल सुविधाएं, बढ़

ललितपुर (उप्र)। संयुक्त उद्योग व्यापार मंडल ने आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार के रेलमंत्री सुरेश प्रभु की कुछ गलत नीतियों व फैसलों के कारण आमजन का शोषण हो रहा है। संगठन के संयोजक सुमित अग्रवाल ने कहा कि देश की लगभग 80 फीसदी जनता जनरल श्रेणी की बोगियों में सफर करती है। एक तरफ तो देश में बुलेट ट्रेन चलाए जाने की अनुशंसा हो रही है, मगर ट्रेनों की जनरल बोगियों में न तो सुविधाएं बढ़ाई जा रही है और न ही बोगियों की संख्या। उन्होंने कहा कि जनरल बोगी में टिकट 24 घंटे तक वैध होता था, लेकिन इसे भी घटाकर तीन घंटे कर दिया गया है।

यह "प्रभु" की नाइंसाफी है, गरीबों के प्रति बेदर्दी है।

अग्रवाल ने कहा कि व्यापारी अपनी सुविधा अनुसार, किसी भी गृह नगर के स्टेशन से पहुंचने एवं वापसी के लिए टिकट पूर्व से खरीद लेते थे, जो कि अब संभव नहीं हो पाएगा और लोगों को भी़ड में ख़डे रहकर टिकट लेना प़डेगा। इससे आमतौर पर व्यापारियों की ट्रेनों के छूटने की संभावनाएं बलवती होंगी। उन्होंने कहा कि ईमेल आईडी पर एक माह में आवंटित होने वाले टिकटों की संख्या 10 से घटाकर 6 कर दी गई हैं। यह आमजन का शोषण नहीं तो और क्या हैक् वहीं, गल्ला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष रामस्वरूप साहू ने कहा कि रेल मंत्रालय की दमनकारी नीतियों के चलते आम नागरिकों का सफर मंहगा होता जा रहा है।

एक ओर कच्चे तेल की अंर्तराष्ट्रीय कीमतों में लगभग तीन चौथाई की कमी आई है। इसके बावजूद रेल मंत्रालय किराया कम करने के बजाय बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि 5 वर्ष से अधिक उम्र के बच्चे का पूरा टिकट लगाने के साथ ही वर्तमान सरकार के 14 माह के कार्यकाल में दो बार रेल किराये में बढ़ोतरी की गई, जो चिंता का विषय है। साहू ने कहा कि लोकसभा चुनाव के समय प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी नरेंद्र मोदी ने अच्छे दिनों का विश्वास जनता को दिलाया था, लेकिन अच्छे दिन सिर्फ कारपोरेट घरानों के ही आए हैं, आम जनता के नहीं। व्यापारियों ने समस्याओं के निराकरण की मांग के साथ आंदोलन की चेतावनी भी दी।

रविवार, 20 सितंबर 2009

अप ट्रेनें चालू, डाउन का मार्ग बदला

पूर्व मध्य रेल के कटिहार-बरौनी रेलखंड के बीच रविवार से मार्ग परिवर्तित अप ट्रेनें अपने पुराने रास्ते से चलेगी। जबकि डाउन गाडि़यां किऊल एवं भागलपुर के रास्ते चलेगी। इसके अलावा कुछ गाडि़यों को तीस सितंबर तक के लिए अल्प विराम भी किया गया है। बताते चलें कि नारायणपुर-पसराहा स्टेशन के बीच पिछले दस दिनों से नयी बनी डाउन रेल पटरी के नीचे धंसान होने से मरम्मत कार्य जारी है। इसी बीच गौछारी और पसराह स्टेशन के बीच भी रेल पटरी धंसने लगी, जिसका भी मरम्मत कार्य जारी है। इधर, डाउन ट्रेक की स्थिति को देखते हुए रेल प्रशासन ने 30 सितंबर तक के लिए कटिहार-बरौनी रेलखंड पर डाउन ट्रेन का परिचालन रोक दिया है। सिर्फ दो सवारी गाड़ी ही इस रेलखंड में डाउन की ओर चलायी चलाएगी, जिसका समय अंतराल लगभग बारह घंटे का होगा। इनमें एक दोपहर में तथा एक रात्रि लगभग बारह बजे नवगछिया आयेगी। रेल अधिकारियों के अनुसार 20 सितंबर से 4083 अप महानन्दा एक्सप्रेस, 5609 अप अवध आसाम एक्सप्रेस, 2505 अप नार्थ इस्ट एक्सप्रेस तथा 3245/3247 कैपिटल एक्सप्रेस को पुराने रास्ते यानी नवगछिया-खगडि़या होकर चलाया जायेगा। जबकि 4084 डाउन महानन्दा एक्सप्रेस, 5610 डाउन अवध आसाम एक्सप्रेस, 2506 नार्थ इस्ट एक्सप्रेस, 3246/3248 डाउन कैपिटल एक्सप्रेस को भाया भागलपुर चलाया जायेगा। इसके अलावा 8181 अप, 8182 डाउन टाटा लिंक एक्सप्रेस तथा 5713 अप, 5714 डाउन कटिहार-पटना इंटरसिटी एक्सप्रेस 30 सितंबर तक रद रहेगी। साथ ही 5707 अप एवं 5708 डाउन कटिहार अमृतसर एक्सप्रेस को बरौनी-अमृतसर के बीच तथा 3163 एवं 3164 हाटे बाजार एक्सप्रेस सहरसा सियालदह की जगह कटिहार से सियालदह के बीच 30 सितम्बर तक चलेगी। जबकि डाउन की ओर से मालगाडि़यों का परिचालन जारी रहेगा।